शनिवार, २६ डिसेंबर, २०१५

हरिवंशराय बच्चन ने अपनी कविताओ में कुछ बहुत ही सुंदर लाइनें लिखी थी.

हारना तब आवश्यक हो जाता है।

जब लड़ाई "अपनों" से हो ! 

और जीतना तब आवश्यक हो जाता है।

जब लड़ाई "अपने आप " से हो ! !

मंजिले मिले , ये तो मुकद्दर की बात है।

हम कोशिश ही न करे ये तो गलत बात है।

किसी ने बर्फ से पुछा की,

आप इतने ठंडे क्यूं हो ?

बर्फ ने बडा अच्छा जवाब दिया :-

" मेरा अतीत भी पानी;

मेरा भविष्य भी पानी..."

फिर गरमी किस बात पे रखु ??

कोणत्याही टिप्पण्‍या नाहीत:

https://youtu.be/MAPFr8eeRGc