*इंसान अपना वो चेहरा तो*
*खूब सजाता है जिस पर*
*लोगों की नज़र होती है*
*मगर आत्मा को सजाने की*
*कोशिश कोई नही करता*
*जिस पर परमात्मा की नजर होती हैं*
Good morning
*खूब सजाता है जिस पर*
*लोगों की नज़र होती है*
*मगर आत्मा को सजाने की*
*कोशिश कोई नही करता*
*जिस पर परमात्मा की नजर होती हैं*
Good morning
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