रविवार, १० फेब्रुवारी, २०१९

*डॉक्टर* : डिप्रेशन की पेशेंट से- क्या तकलीफ़ है..? *लेडी पेशेंट* : सर, दिमाग में बहुत उल्टे पुलटे विचार आते हैं, रुकते ही नहीं... *डॉक्टर* : कैसे विचार आते हैं ..? *लेडी पेशेंट* : जैसे अब मैं यहाँ आई हूँ तो आपके ओपीडी में एक भी पेशेंट नहीं था.. . तो मैं सोचने लगी कि डॉक्टर साहब के पास कोई भी पेशेंट नहीं है, . इनकी कमाई कैसे होगी, . घर कैसे चलेगा, . इतना पैसा डाला पढ़ाई में, अब क्या करेंगे.. हॉस्पिटल बनाने में भी बहुत पैसा लगाया होगा, अब लोन कैसे चुकाएंगे ? कहीं किसानों के माफ़िक लटक तो नहीं जाएंगे एक दिन...!! ऐसे कुछ भी विचार आते रहते हैं... अब *डॉक्टर* डिप्रेशन मे है। 😳😳😳😳😳😳

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https://youtu.be/MAPFr8eeRGc