बुधवार, २४ जुलै, २०१९

एक बादशाह ने ख्वाब देखा के उसके सारे दांत टूट कर गिर पड़े हैं। बादशाह ने एक मुफ़स्सिर ( ख्वाब की ताबीर बताने वाला ) को बुलवा कर उसे ख्वाब सुनाया। मुफ़स्सिर ने बादशाह से कहा ; *इसकी ताबीर ये बनती है के आपके सारे घर वाले आपके सामने मरेंगे* बादशाह को बोहत गुस्सा आया। उसने मुफ़स्सिर को क़त्ल करवा दिया। एक और मुफ़स्सिर को बुलवाया गया, बादशाह ने उसको अपना ख्वाब सुनाया, मुफ़स्सिर ने कहा ; *"बादशाह सलामत आपको मुबारक हो, ख्वाब की ताबीर ये बनती है के आप माशा अल्लाह अपने घर वालों में सब से लंबी उम्र पाएंगे।"* बादशाह ने खुश होकर मुफ़स्सिर को *इनाम* ओ इकराम देकर रुखसत किया। क्या इस बात का यही *मतलब* नही बनता के अगर बादशाह अपने घर वालों में सब से लंबी उम्र पाएगा तो उसके सारे घर वाले उसके सामने ही मरेंगे ?? जी ! मतलब तो यही बनता है मगर बात बात में और *अल्फ़ाज़* में फ़र्क़ है। *आपका लिखा गया एक एक लफ्ज़ किसी दूसरे के लिए मरहम भी बन सकता है और ज़ख्म भी दे सकता है* *अख्तियार आपके हाथ मे है ."*

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https://youtu.be/MAPFr8eeRGc